अमृतमयी औषधी से हस्तनिर्मित संजीवनी धूपबत्ती – २ डिब्बे

(3 customer reviews)

149.00

वन्दे गौ मातरम् मित्रों | गावो विश्वस्य मातरः | गोमय वसते लक्ष्मी

आप सब बिना सोचे समझे व्रत त्यौहार में अगरबत्ती जलाते है, अगरबत्ती हमारे ग्रंथों में तो निषिद्ध है ही साथ में स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है, अगरबत्ती में बास लगा होता है, हमारी दादी माएं कहा करती थी कि बास जलाने से वंश का नाश होता है|

इस दुर्गापूजा, दीपावली एंव छठ पूजा में आपके लिए श्री कृष्ण गौ सेवा श्रम लेके आया है विशुद्ध देसी गौवंश के गोबर, जटामासी, नागरमोथा, चिर का बुरादा, नवग्रह के लकड़ी, देवदार जैसे अमृतमयी वन औषधी से हस्त निर्मित धूपबत्ती, जिसके अद्भुत फायदे जानते है|

  • जीवाणुरोधक, प्राणरक्षक गैसें बनती है जो स्वास्थ्यवर्धक होती है एवं पर्यावरण को शुद्ध करती है|(Kills bacteria, viruses, insects etc.)
  • गाय का गोबर मोबाइल से होने वाले रेडियेशन से बचा सकता है।(Anti-Radiaion Property)
  • 1 डब्बा में 40 पीस अतः २ डिब्बे में कुल 80 पीस होंगे
  • Free Home Delivery
  • हमारा उद्देश्य स्वदेशी गौशालाओ द्वारा राष्ट्र का स्वास्थ्य और आर्थिक रूप से उत्थान करना है|
  • ⚡️Only 13 items left in stock – Order Now!

Description

अगरबत्ती और धूपबत्ती मे अन्तर

अगरबत्ती गोघृत धूपबत्ती
जला हुआ कोयला पाउडर, बांस, तिल्‍ली, ज्वलनशील रासायनिक तेल, रासायनिक सुगन्धि के जलने से कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें बनती हैं।  मुख्य घटक गाय का गोबर, गोघृत, चावल होने से नित्यप्रति घर में अग्निहोत्रहवन हो जाता है।
ये मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। पर्यावरण विषेला बनाती हैं।  इनके जलने से इथीलीन ऑक्साइड, प्रोपलीन ऑक्साइड जैसी जीवाणुरोधक, प्राणरक्षक गैसें बनती है जो स्वास्थ्यवर्धक होती है एवं पर्यावरण को शुद्ध करती है।
अगरबत्ती के नित्य प्रयोग से परिवार रोग युक्त एवं घर का वातावरण दूषित होता है धूपबत्ती के नित्य प्रयोग से घर का वातावरण शुद्ध एवं सात्विक बनता है।

3 reviews for अमृतमयी औषधी से हस्तनिर्मित संजीवनी धूपबत्ती – २ डिब्बे

  1. Hemant Meena

    Ab se hm mahadev ki pooja isi se karne lage hai

  2. Santosh Pareek

    apka ad dekhkar maine agarbatti chhod di aur ye dhoppbatti bhut achi hai postivie feel karte hai hm isme sab

  3. Siddhant Agrawal

    wastav me hame nahi pata tha ki bans ki agarbatti ke itne nuksan. bhut bhut thanks apko desi gaumata ki dhoopbatti ke liye

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